Friday, February 19, 2010

~*~KNITTED FOODS~*~









2 comments:

इंदु पुरी गोस्वामी said...

आश्चर्यजनक और खूबसूरत ! मैं बनाऊँगी अपने स्कूल के लिए.ये टीचिंग एड टूट भी नही सकते.(उधेड़े जा सकते हैं हा हा हा)

ilesh said...

जी बिलकुल सही कहा आपने इंदु जी उधेड़ के सोचा जा सकता हे जैसे ये फ़ूड हमने खाया
हा हा हा हा हा और फिर बून के फिर से खाने को तैयार भी किया जा सकता हे एक बार
किया खर्चा बार बार काम देता हे इस महंगाई में इस से अच्छा तरीका क्या हो सकता
हे वैसे डियर आप इसे अपनी स्कूल के लिए बनाएगी तो बचे बहोत खुश होंगे और पढने
के साथ मस्ती भी हो जाएगी ,तह इ दिल से शुक्रिया आपको पसंद आया और अपने अपनी
राय दी